एन आई एन,
पिथौरागढ़। धारचूला, तेजम और बंगपानी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के चलते नदियां और नाले उफान पर हैं। भारी भूस्खलन और मलबे के कारण जिले भर में 2 बॉर्डर सड़कों समेत कुल 19 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं, जिससे दर्जनों गांवों का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाईवे धारचूला-तवाघाट के बीच कुलागाड़ के पास मलबे के कारण फिर से बंद हो गया है। वहीं कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट-गुंजी मोटर मार्ग भी तीन स्थानों किमी 6, 63 और 87 पर भूस्खलन होने से बाधित है। इसके चलते चीन सीमा से सटे इलाकों का संपर्क शेष दुनिया से कट गया है। हालांकि सीमा सड़क संगठन की टीमें भारी मशीनों के साथ मार्गों को खोलने के कार्य में जुटी हुई हैं। वहीं कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर कुलागाड़ नाले का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही में जोखिम बढ़ गया है। इसके अलावा मुनस्यारी से हरकोट, नाचनी से भैंसकोट, कालिका से खुमती, तपोवन से रांथी और सेराघाट से बोना सहित 17 ग्रामीण मार्ग मलबे के कारण ठप पड़े हैं। जिला प्रशासन व संबंधित कार्यदायी संस्थाएं पीएमजीएसवाई और लोनिवि सड़कों को फिर से सुचारू करने के प्रयास में जुटी हैं।