एन आई एन,
पिथौरागढ़। महिला किसान स्वरोजगार के अन्य माध्यमों से अपनी आय को बढायेंगी । लोहार गांव की महिलाओं ने मुर्गी पालन करने का निर्णय लिया है, इसके लिए रविवार को गांव में ही एक दिवसीय मुर्गी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग की 50 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तरांचल विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ राजेश सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढाये बगैर सतत विकास संभव नहीं है।
इस अवसर पर केंद्र के एमएसएमई निदेशक सुभाष चंद्र, डॉ.रामकृष्ण, अनीता गहलोत, डॉक्टर इशा आदि मौजूद रहे। पशुपालन विशेषज्ञ डॉ. कमल पंत ने महिलाओं को मुर्गी पालन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके लिए टिकाऊ आजीविका का अवसर भी तैयार करेगा। प्रशिक्षण में अर्पण संस्था ने भी सहयोग दिया।