एन आई एन,

पिथौरागढ़। में धारचूला तहसील के जुम्मा गांव में 15 रोज पूर्व एक बालक की रैबीज से हुई मौत के बाद अब दूसरे बालक में भी रेबीज के लक्षण आये हैं। बालक को जिला चिकित्सालय लाया गया है। जांच के बाद उसकी हालत गंभीर बनी हैं, फिलहाल डॉक्टरों ने उसका जिला अस्पताल में ही इलाज शुरू कर दिया है, जुम्मा गांव में फरवरी माह में एक कुत्ते ने 8-10 लोगों को काट लिया था। 

बाद में ग्रामीणों ने इस कुत्ते को मार दिया। 15 रोज पूर्व 13 वर्षीय मोहित में अचानक रेबीज के लक्षण आने लगे परिजनों उसे अस्पताल लाये। पानी और उजाले से बेहद डरने के साथ ही यह बालक काफी आक्रामक भी हो गया था, जिला चिकित्सालय से उसे रेफर किया गया था। लोहाघाट के पास उसने दम तोड़ दिया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर उन सभी लोगों को टीके लगाए जिन्हें कुत्ते ने काटा था। अब उसी गांव के 14 वर्षीय युवराज में भी लक्षण आने लगे है। बीती रात्रि उसे धारचूला में पेट में भारी दर्द हुआ परिजन उसे धारचूला अस्पताल लाये। वहां से उसे आज की जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रैफर किया गया। फिजिशियन नेहा कल्पासी ने बताया कि युवराज में रैबीज के लक्षण आये हैं वह बिजली पानी को देखकर डर रहा है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर आशु अवस्थी ने बताया कि फिलहाल उसे अलग कमरे में रख कर इलाज किया जा रहा है, इस गांव में अन्य जिन लोगों को भी काटा गया है उन्हें हायर सेंटर में चेकअप करने की सलाह डॉक्टरों द्वारा दी जा रही है, दूसरे बच्चे में लक्षण आने के बाद ग्रामीण काफी सहमे हुए हैं। फिलहाल डॉक्टरों की पूरी टीम बच्चें की निगरानी कर रही है। फिजिशियन डॉक्टर नेहा कल्पासी ने बताया कभी भी किसी को कुत्ता काट ले तो रैबीज के इंजेक्शन जरूर लगाने चाहिए। और उस कुत्ते को मारना नहीं चाहिए।



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