एन आई एन,

पिथौरागढ़। शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किए जाने के फैसले पर राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी ने सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी खेल के बीच में ही खेल के नियम बदल देने जैसी बेईमानी है। शिक्षकों को किसी भी परीक्षा देने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन उनके साथ किये जा रहे अन्याय पूर्ण रवैये से शिकायत है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षकों को 31 अगस्त तक परीक्षा पास करने का आदेश जारी कर दिया गया है, इससे शिक्षक शिक्षिकाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि इन्हीं शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए तमाम विद्यार्थी आज डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी बनकर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया है कि ऐसे में अयोग्य शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए इन सभी पूर्व छात्रों को क्या फिर से कक्षा एक से शिक्षा ग्रहण नहीं करनी चाहिए।



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