एन आई एन,
पिथौरागढ़। जिले के धारचूला क्षेत्र में रिश्ते की नाबालिक भांजी से दुराचार करने वाले मामा को सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 80 हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त को दो अन्य धाराओं के तहत भी सजा दी गई है।
मामला जनवरी 2025 का है, जब अभियुक्त राजेश राणा निवासी विकास नगर देहरादून अपने रिश्ते की भांजी को अपने साथ भगा ले गया और जबरन उसके गले में मंगलसूत्र डालकर उसकी मांग भर दी। अभियुक्त पहले से ही शादीशुदा था और उसकी बड़ी बेटी पीड़िता की उम्र की है। परिजनों ने नाबालिक के लापता होने की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई। इसके बाद राजेश राणा को गिरफ्तार कर लिया गया। नाबालिक ने अपने बयान में बताया कि राजेश राणा ने उसके साथ कई बार ज़बरन शारीरिक संबंध बनाए और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की जांच कर मामला न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने आज इस मामले में अपना फैसला सुनाया। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत, सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेम सिंह भंडारी ने की।