एन आई एन,
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून के अनुसार आगामी 1 से 4 जुलाई तक प्रदेशभर में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है, जिससे वर्षा गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं और 2 जुलाई से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में व्यापक वर्षा होने के आसार हैं। 1 से 3 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर तथा 4 से 6 जुलाई तक अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
विशेष रूप से 1 जुलाई को पिथौरागढ़, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने, तेज गर्जना, अत्यधिक वर्षा और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग ने भूस्खलन, चट्टान गिरने, मलबा आने, सड़कें और राजमार्ग बाधित होने, नदियों-गदेरों के जलस्तर में वृद्धि, फ्लैश फ्लड और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है। साथ ही विद्युत एवं पेयजल सेवाएं प्रभावित होने और चारधाम यात्रा मार्गों सहित पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात बाधित होने की संभावना भी व्यक्त की गई है।
विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।