एन आई एन,
पिथौरागढ़। जिले में रविवार दोपहर करीब दो बजे आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को व्यापक रूप से प्रभावित कर दिया। जिले के कई हिस्सों में पेड़ गिरने, बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने, भवनों की छत उड़ने और यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं।
तूफान के चलते थल–चौकोड़ी–बेरीनाग मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। झुलाघाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग में बगरतोली के पास भी पेड़ गिरने से करीब एक घंटे तक दर्जनों वाहन फंसे रहे। गुरना क्षेत्र में भी कुछ समय के लिए मार्ग बाधित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने पेड़ हटाकर सुचारु कराया।
नगर क्षेत्र में भी व्यापक असर देखने को मिला। पुलिस लाइन में पेड़ गिरने से बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। भाटकोट और ग्रीफ कैंप क्षेत्र में भी विद्युत लाइनों में फाल्ट आने से बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही। पांडेगांव स्थित विवेकानंद कॉलोनी में सड़क पर पेड़ गिरने से एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और बिजली लाइन टूट गई।
तूफान से कई आवासीय और व्यावसायिक भवनों को नुकसान पहुंचा है। भड़कटिया में दिनेश चंद्र पांडे के मकान पर पेड़ गिरने से भवन क्षतिग्रस्त हुआ। गंगोलीहाट के जाड़ापानी क्षेत्र में महेंद्र सिंह के घर को नुकसान पहुंचा है। देवलथल के मोड़ी में मनोहर सिंह की टीन की गौशाला की छत उड़ गई, जिससे गौशाला और किचन दोनों प्रभावित हुए।
बेरीनाग क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है। ग्राम पंचायत पीपली में हर सिंह की चाय की दुकान और भवन ढह गया, जबकि सांगड़ में पुष्कर सिंह धनिक और सुनील सिंह धनिक के मकानों की छत पर पेड़ गिरने से खतरा उत्पन्न हो गया है। डीडीहाट नगर में होटल स्वामी चंद्रकला दिगारी के होटल की छत अंधड़ में उड़ गई, जिससे होटल के अंदर बने ऑफिस सहित काफी नुकसान हुआ है।
मूनाकोट ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पाटीपलचौड़ा में 1990 में बने भवन की छत उड़ गई, जिससे अंदर रखा सारा सामान बारिश में भीगकर खराब हो गया। यहां अध्ययनरत 8 बच्चों की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि लंबे समय से भवन की मरम्मत की मांग करते आ रहे थे।
गौरीहाट में अंधड़ के कारण रंजीत सिंह धारियाल के मकान की छत की रेलिंग गिर गई, हालांकि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
तूफान का असर कृषि पर भी पड़ा है। जिलेभर में फल और सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है।
प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन करने और राहत एवं मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। साथ ही विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं।