एन आई एन
पिथौरागढ़। फर्जी दस्तावेजों से अग्निवीर बनने की कोशिश करने वाला आज सलाखों के पीछे पहुंच गया। न्यायालय ने उसे दोषी पाते हुए 2 वर्ष के कठोर कारावास और ₹1000 अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
पुलिस के मुताबिक सितंबर 2022 में अग्निवीर भर्ती परीक्षा के दौरान दीपक सिंह जैम्याल निवासी नामिक मुनस्यारी को आर्मी इंटेलिजेंस और पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया था। विवेचना के बाद यह मामला न्यायालय के समक्ष रखा गया न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती सरोहा ने दीपक सिंह को फर्जी दस्तावेज तैयार करने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। इस मामले में पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी रितेश वर्मा ने की।