एन आई एन,
पिथौरागढ़ । सोशल एक्टिविस्ट और एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल कमेटी के अध्यक्ष डॉ किशोर कुमार पंत ने फ्री शिक्षा के नाम पर जारी हो रहे विज्ञापनों पर सवाल खड़े किये हैं, उन्होंने कहा कि विद्यालय को चलाने के लिए नियमित खर्चे आवश्यक है। यह एक संदेश ही नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है अभिभावकों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके बच्चों की शिक्षा किस आर्थिक आधार पर चल रही है।
पिछले कुछ वर्षों से शिक्षा सत्र की शुरुआत में पूरी तरह फ्री शिक्षा का प्रचार किया जाता है और अधिकतम प्रवेश लिए जाते हैं कुछ महीनो बाद विभिन्न मदों में शुल्क शुरू हो जाता है। इससे अभिभावकों और बच्चों पर मानसिक दबाव पड़ता है। कई विद्यालय स्थान बदल दे रहे हैं या बंद हो जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई संस्था नि:शुल्क शिक्षा दे रही है तो उसे अपनी आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए। साथ ही अभिभावकों को शपथ पत्र भी देना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि फ्री शिक्षा के विज्ञापनों की जांच आयकर विभाग द्वारा की जानी चाहिए।