एन आई एन,

पिथौरागढ़। दिल्ली विश्वविद्यालय की शोध टीम ने वन राजियों की पारंपरिक पशु आधारित उपचार प्रथा का दस्तावेजीकरण शुरू कर दिया है। यह कार्य भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के सहयोग से किया जा रहा है। 

शोध टीम का नेतृत्व अनुदेशक प्रोफेसर दीपिका यादव कर रही है। सह प्रधान अनुदेशक के रूप में डॉक्टर राकेश रोशन और जूनियर रिसर्च फेलो मनीषा सिंह इस टीम का हिस्सा है। प्रोफेसर यादव ने बताया कि देश में स्वदेशी ज्ञान प्रणाली के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर में रहने वाली वनराजी के 11 गांव में दस्तावेजीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इससे भविष्य में शोध कार्य की नई राह खुलेगी।



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