एन आई एन,
पिथौरागढ़। विश्व जल दिवस पर आज नेड़ा सदन में गोष्ठी का आयोजन हुआ। सामाजिक चिंतक डॉ. तारा सिंह ने कहा कि भारत में दुनिया की 18% आबादी रहती है, जबकि जल केवल चार प्रतिशत है। अनियोजित विकास, बढ़ती गर्मी से जल स्तर लगातार कम हो रहा है।
वैज्ञानिक आने वाले दो दशक में गंभीर जल संकट की चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा है कि समय रहते पानी को बचाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने होंगे तभी भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। गोष्ठी में लीला शर्मा, केदार सिंह कोरंगा, चेतन भट्ट, नीमा मेहरा, दृष्टि ततराड़ी आदि ने विचार रखे।