एन आई एन,
पिथौरागढ़। केंद्रीय मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने रविवार को मुनस्यारी स्थित जोहार मत्स्य स्वायत्त सहकारिता और नामजाला ट्राउट फार्म का दौरा कर शीतजल मत्स्य पालन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने ट्राउट मत्स्य पालकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने रेनबो ट्राउट पालन को सीमांत क्षेत्र में आजीविका और स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बताया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत देश के शीतजल क्षेत्रों में 2,299 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।
इसके तहत रेसवे, हैचरी, फीड मिल और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पिछले एक दशक में देश में ट्राउट उत्पादन छह गुना बढ़कर करीब 5,000 मीट्रिक टन सालाना पहुंच गया है। उत्तराखंड में मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए 317 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। वहीं, राज्य सरकार ने 170 करोड़ रुपये की ट्राउट प्रोत्साहन योजना शुरू की है। जून 2026 में नेपाल को ट्राउट का पहला निर्यात भी किया गया। इसके अलावा आईटीबीपी को भी ट्राउट की आपूर्ति की जा रही है।