एन आई एन,
पिथौरागढ़। श्री रामलीला प्रबंधकारिणी समिति की ओर से आयोजित 130वें रामलीला मंचन के तीसरे दिन पुष्पवाटिका, धनुष यज्ञ, राम-सीता स्वयंवर और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन किया गया।
स्वयंवर में कोई भी राजा शिवधनुष नहीं उठा सका। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पर श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया, जिसके बाद माता सीता ने उन्हें वरमाला पहनाई। धनुष टूटने की आवाज सुनकर पहुंचे परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखे संवाद ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने प्रसंगों को जीवंत कर दिया।