एन आई एन,
पिथौरागढ़। ग्राम बालाकोट की पूजा रावल ने सीमित संसाधनों के बावजूद स्वरोजगार की राह चुनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से उन्होंने गांव में आटा चक्की का उद्यम शुरू किया, जो अब उनके परिवार की आय का मजबूत आधार बन गया है।
पूजा को परियोजना के तहत 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके अलावा उन्होंने 1.50 लाख रुपये का बैंक ऋण लिया और 75 हजार रुपये स्वयं का अंशदान लगाकर आटा चक्की स्थापित की। शुरुआत में ग्राहकों का विश्वास हासिल करने और व्यवसाय को स्थायित्व देने में उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मेहनत और गुणवत्तापूर्ण सेवा से उन्होंने अपनी पहचान बनाई।
पूजा की सफलता अब गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने साबित किया है कि उचित सहयोग और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भर भी बन सकती हैं।