एन आई एन,
पिथौरागढ़ । 29 सितंबर को आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा को लेकर उत्तराखंड के सेवारत शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि 1 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद देशभर के करीब 25 लाख शिक्षक प्रभावित हुए हैं।
उत्तराखंड में भी ऐसे लगभग 14 हजार शिक्षक हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर 13 जून 2026 को प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री तथा 4 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांग रखी थी। दोनों स्तरों पर आश्वासन दिया गया था कि शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। संघ की ओर से शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना है कि आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस पहल सामने नहीं आई है। इससे शिक्षकों में रोष बढ़ रहा है। पूर्व प्रदेश प्रचार मंत्री उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ करन सामंत ने सरकार से प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए शीघ्र ठोस निर्णय लेने की मांग की है।