एन आई एन,
पिथौरागढ़। हिमालय के चरवाहों के पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को सम्मान देने की दिशा में काम कर रहे अनवाल हाउस ने चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कराया। बच्चों द्वारा विभिन्न विषयों पर तैयार चित्रकला की प्रदर्शनी लगाई गई। विजेता बच्चों को संगठन की ओर से पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में 90 वर्षीय नारायण सिंह पवार मुख्य अतिथि रहे। वे पिछले 22 वर्षों से अपनी भेडो को रालम घाटी ले जाते हैं।
वहां की स्थिति में बदलाव को उन्होंने नजदीक से देखा है। इस अवसर पर समुदाय के दो अन्य लोगों को भी सम्मानित किया गया। अनवाल हाउस के धर्मेंद्र सिंह जेठा का कहना है कि स्थानीय अनुभव और पारंपरिक ज्ञान बेहद महत्वपूर्ण है इस ज्ञान को दर्ज और सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में गांव के स्कूलों में लेखन, फिल्म मेकिंग, एक्टिंग, करियर गाइडेंस जैसी गतिविधियां कराई जाएगी।